सुराख दुध्ती है दुनिया पाक दामन मे ,
दाग न हो जिसमे वो कौनसा महताब लायें ,,
कुछ किये बिना ही तुझसा मशहूर हो जायें ,
बताओ की कहाँ से हम पर ए सुरखाब लायें ,,
सुनहरी चेहरों की महफ़िल मे शरीक होने को ,
सोचते हैं हम भी कभी सोने का नकाब लायें ,,
सुना हैं तुम हसीं सपने बेचते हो ,
देखें सौदागिरी तेरी खरीद हम ख़्वाब लायें ,,
जिंदगी मह्खानो की उधार है मुझपे ,
'निशांत ' जीने को कहाँ से शराब लायें ,,
दाग न हो जिसमे वो कौनसा महताब लायें ,,
कुछ किये बिना ही तुझसा मशहूर हो जायें ,
बताओ की कहाँ से हम पर ए सुरखाब लायें ,,
सुनहरी चेहरों की महफ़िल मे शरीक होने को ,
सोचते हैं हम भी कभी सोने का नकाब लायें ,,
सुना हैं तुम हसीं सपने बेचते हो ,
देखें सौदागिरी तेरी खरीद हम ख़्वाब लायें ,,
जिंदगी मह्खानो की उधार है मुझपे ,
'निशांत ' जीने को कहाँ से शराब लायें ,,
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